कोर्सेज़
गुणवत्ता कोर्स से कौशल बढ़ाएं
पृष्ठभूमि
गुरुशाला ‘वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन’ की पहल है और इसे ‘प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन’ द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। गुरुशाला के सोच की शुरुआत 2012 से हुई थी, जब पूरे भारत में कम संसाधनों एवं कम आय वाले 151 विद्यालयों में एक डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम का पायलट किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के सीखने के स्तर को सकारात्मक रूप से प्रभावित करना था जिसके लिए विद्यालयों को टेक्नोलॉजी से युक्त किया गया और उच्च प्राथमिक गणित और विज्ञान के एजुकेटर्स को टेक्नोलॉजी और अभिनव समूह शिक्षण के द्वारा कक्षा में पढ़ाने के तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
इन वर्षों में कार्यक्रम ने विभिन्न भौगोलिक, संस्कृतियों, भाषाओं एवं अन्य सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं वाले विद्यालयों के साथ कार्य किया है। इस यात्रा के द्वारा अनुभव का एक समृद्ध भण्डार प्राप्त हुआ, यह उन समस्याओं के बारे में अंतर्दृष्टि देता है, जिनका भारतीय एजुकेटर्स कक्षाओं में सामना करते हैं और उन समस्याओं को हल करने के लिए नवीन समाधान करते हैं। एजुकेटर्स के कौशल विकास और विभिन्न संसाधनों तक पहुंच एवं सहकर्मी एजुकेटर्स के साथ जुड़ाव हेतु एक एकीकृत मंच प्रदान करने की आवश्यकता महसूस की गई। ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में इंटरनेट और स्मार्ट-फोन के बढ़ते उपयोग ने इस आवश्यकता को एक ऑनलाइन एजुकेटर पोर्टल के विचार में बदलने का अवसर प्रदान किया। वर्ष 2019 में, इस विचार का वास्तविकता में रूपांतरण गुरुशाला के रूप हुआ।
वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन, और प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के बारे में

वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन - वोडाफोन आइडिया की सीएसआर शाखा - भारत में एक अग्रणी दूरसंचार प्रदाता, देश भर में व्यक्तियों को जोड़ने और प्रेरित करने तथा एक उज्जवल भविष्य में योगदान देने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक कल्याण, डिजिटल साक्षरता और समावेशिता पर ध्यान केंद्रित करके, फाउंडेशन का लक्ष्य लाखों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करना है।
हमारा मिशन देश भर में कनेक्शन को सुगम बनाना और प्रगति को प्रेरित करना है। प्रौद्योगिकी और उद्देश्य-संचालित नवाचार के रणनीतिक उपयोग के माध्यम से, हम समुदायों का उत्थान करने, डिजिटल साक्षरता को बढ़ाने और सभी के लिए समावेशिता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं। हमारे प्रयासों में सरकारी निकायों, नीति निर्माताओं, नागरिक समाज संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, छात्रों और मीडिया सहित विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग करना शामिल है, ताकि हम एक अधिक जुड़े हुए और सशक्त भारत के अपने दृष्टिकोण को प्राप्त कर सकें। हम जिन समुदायों की सेवा करते हैं उन्हें समृद्ध बनाने और बड़े पैमाने पर जीवन को सकारात्मक रूप से बदलने के लिए समर्पित हैं। विभिन्न संगठनों के साथ साझेदारी करके, हमारा लक्ष्य एक सार्थक और स्थायी प्रभाव पैदा करना है जो बेहतर भविष्य के लिए हमारे मूल मूल्यों और आकांक्षाओं के साथ संरेखित हो।
हमारा काम कृषि, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों पर केंद्रित है। हमारी कई पहलों और हस्तक्षेपों के माध्यम से, हम लोगों को सशक्त बनाते हैं, समावेश को बढ़ावा देते हैं और विकास को गति देते हैं, मोबाइल प्रौद्योगिकी और विकास दृष्टिकोणों के अभिनव उपयोग के माध्यम से प्रभाव को अधिकतम करते हैं।

प्रथम, भारत में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए बनाया गया एक नवीन शिक्षण संगठन है। देश में सबसे बड़े गैर-सरकारी संगठनों में से एक के रूप में, प्रथम शिक्षा प्रणाली में मौजूद अंतरों को कम करने के लिए उच्च-गुणवत्ता, कम-लागत, और अनुकरणीय गतिविधियों पर केंद्रित है। प्रथम की स्थापना वर्ष 1995 में मुम्बई की बस्तियों में बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए की गई जिसका दायरा और भौगोलिक क्षेत्र दोनों निरंतर बढ़ रहा है। संगठन का लक्ष्य भारत में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है और यह सुनिश्चित करना है कि सभी बच्चे न केवल स्कूल में उपस्थित हों बल्कि सफल भी हों। यह लक्ष्य सरकार, स्थानीय समुदायों, माता-पिता, एजुकेटर्स, स्वयंसेवकों और समाज के सदस्यों के साथ मिलकर के पूरा किया जाता है।